top of page

फ़र्क

  • Dec 14, 2010
  • 1 min read

क्या फ़र्क पड़ता है? धुएँ से. भूख से. गड्ढों से झांकती खाली आँखों से. क्या फ़र्क पड़ता है किसी की रोती कहानी से. किसी के आँसूओं से खुद के आँसूओं से. प्यार से. क्या फ़र्क पड़ता है किसी की हँसी से. क्या सच में फ़र्क पड़ता है? क्यूँ? क्या खुद से? बस, खुद से ही? Isn't the self a little over-rated? Whats the big deal anyway? STRIP. STRIP. STRIP. OF ALL THE LAYERS. SHELLS. OF ALL. OF THE MEANINGLESS TALKS.STRIP.


Comments


Recent Posts
Archive
bottom of page